शास्त्रों के अनुसार जब शनि महाराज होते है नाराज, तो शरीर के इस अंग में होती है परेशानियां

अपने जीवन में हम सभी को प्रसन्न रखना चाहते है और ये अपने आप में आवश्यक भी खूब है लेकिन जब हम बात करते है शास्त्रों की तो ये काफी अलग चीज हो जाती है. कहा जाता है कि जीवन में चाहे किसी को भी रूष्ट कर लो लेकिन शनिदेव को कभी भी नाराज नही करना चाहिए क्योंकि अगर वो नाराज हुए तो फिर जीवन में कही से भी बचना संभव नही होता है चाहे आप किसी भी दर पर चले जाए. अक्सर शनिदेव जब नाराज होते है तो उसका प्रभाव साढ़े सात वर्ष तक भी चल जाता है.

माना जाता है कि शनिदेव अगर कुपित होते है तो फिर शरीर के दो अंग सबसे ज्यादा प्रभावित होते है जिनमे से पहला अंग है नाभि और दूसरा अंग है हड्डियां. इन दोनों में ही समस्या होती है क्योंकि ये कही न कही हमारे नक्षत्रो के सबसे पहले संपर्क में आने वाले अंग कहे जाते है.

नाभि कई लोगो की खिसक जाती है जिसे देशी भाषा में पेशूटी का जाता है जबकि कई लोगो की हड्डियां कमजोर हो जाती है या फिर एक्सीडेंट में हड्डी टूटना आदि भी हो जाता है तो ये शनि महाराज का क्रोध होता है. अगर आप चाहते है कि इस तरह के क्रोध का सामना आपको न करना पड़े तो आप रोजाना शनिवार को शनी महाराज की पूजा करे और उन्हें सरसों का तेल भी अर्पित करे. इसके अलावा अपनी नाभि में भी तेल लगाये जिससे भी आपके ऊपर होने वाले दोष दूर होते है और आप एक अच्छा जीवन जी पाते है.

अक्सर लोग इन बातो को नगण्य मानते है और इन पर ध्यान नही देते है जबकि समस्या की जड में यही होता है और जब तक इन पर भरोसा बनता है तब तक बात भी काफी ज्यादा बिगड़ चुकी होती है इसलिए समय रहते जो करना होता है वो कर लेना चाहिए.

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