बचपन में खो दी थी आँखे लेकिन हिम्मत नही हारी, अब पास किया सिविल सर्विस एग्जाम

हम सभी जिन्दगी जीते है और उस जिन्दगी में दर्जनों शिकायते भी निकालते रहते है कि हमारे पास आज ये नही है, वो नही है और लोगो के तमाम नखरे होते है जिसके बल पर वो अपनी नाकामाबी से पल्ला झाड लेते है लेकिन इसके बावजूद इस दुनिया में ऐसे लोग भी है जो बहाने नही बनाते है बल्कि उनके सामने खुद डटकर के खड़े हो जाते है और लोहा लेते है, फिर अंत में जीत भी जाते है. ऐसी ही एक कहानी है तपस्विनी दास की जो भुवनेश्वर की रहने वाली है.

तपस्विनी तब स्कूलिंग ही कर रही थी तब उस वक्त तपस्विनी की गलत सर्जरी की वजह से उसकी दोनों ही आँखे चली गयी जिसके बाद में पिता ने नेत्रांध स्कूल में तपस्विनी का दाखिला करवा दिया जहाँ पर वो पढ़ रही थी. तब तक उसकी सिर्फ आँखे गयी थी लेकिन पढने और आगे तक बढ़ने की ललक आज भी जीवित थी.

तपस्विनी ने पहले स्कूलिंग पूरी की और फिर कॉलेज गयी जहाँ पर भी वो कॉलेज के टोपर्स में से एक थी, उन्हें रिलायंस फाउंडेशन के द्वारा सम्मानित भी किया गया. अब जब तपस्विनी स्नातक कर चुकी थी तो उन्होंने ओडिशा सिविल सर्विसेज का एग्जाम दिया और आप यकीन नही मानेगे, तपस्विनी ने पहली बार में ही वो एग्जाम क्लियर कर लिया और आज वो एक प्रशासनिक अधिकारी बन चुकी है.

वो आज देश के लोगो के लिए एक मिसाल है कि जिन्दगी में चाहे किस्मत आपसे कुछ भी छीन ले लेकिन अगर आप कर्म करने के लिए खुदको बाध्य कर देते है और लगातार बस लगे ही रहते है तो दुनिया में ऐसी कोई भी ताकत नही है जो आपको रोक सकती है और वाकई में ऐसा है. खैर जो भी है इस तरह की चीजो से कही न कही सही भी लगता है कि ऐसे लोग भी दुनिया में है.

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