जब धीरू भाई अम्बानी को पकड़ने पहुँच गयी थी पुलिस, जानिये पूरा मामला

आज इस देश में के विकास में पूरे उत्थान में रिलायंस का बहुत ही बड़ा और गहरा योगदान है इस बात से कोई भी इनकार कर ही नही सकता है और कही न कही रिलायंस ने जो कुछ भी किया है वो सब कुछ धीरू भाई अम्बानी की ही देन है क्योंकि पूरी रिलायंस को खड़ी करने वाले भी धीरू भाई अम्बानी ही थे जिसे आज मुकेश अम्बानी और अनिल अम्बानी चला रहे है. आप धीरू भाई अम्बानी के जीवन के हर पहलू से वाकिफ होंगे लेकिन अभी हम जो आपको बताने जा रहे है वो बात आपको शायद ही मालूम रही होगी.

ये बात तब की है जब धीरू भाई के पास में न तो इतना पैसा था और न ही तब कोई रिलायंस की सोच तक थी. बात है उस वक्त की जब धीरू भाई लगभग 17 साल के थे और उस वक्त देश आजाद हुआ था. देश की आजादी पर पूरे देश में जश्न मन रहा था लेकिन जहाँ पर धीरू भाई थे वहाँ पर कलह मची हुई थी क्योंकि वो रहते थे जूनागढ़ में जहाँ पर नवाब का राज हुआ करता था और वो भारत में शामिल नही हो रहा था और उसने कोई भी जश्न मनाने पर भी रोक लगा दी थी.

मगर भारत देश के प्रति धीरू भाई अम्बानी के दिल में इतना प्यार और जोश था कि वो अपने वहाँ के जूनागढ़ के तत्कालीन शासक के आदेश या क्रोध से भी नही डरे और उन्होंने वहाँ पर अपने लोगो के साथ में मिलकर के कॉलेज में जश्न भी मनाया और तिरंगा फहराकर के जूनागढ़ के नवाब का विरोध भी किया. अब इतना कुछ हुआ तो उसने अपनी पुलिस को भेजा ताकि वो इन लोगो को दबा सके लेकिन धीरू भाई उन लोगो के सामने भिड से गये और पुलिस वालो ने उन्हें डराया भी ऐसा बताते है.

मगर धीरू भाई ने झुकने से या फिर कोई भी माफ़ी मांगने से इनकार कर दिया क्योंकि उनकी नजर में उन्होंने जो किया वो सही ही किया. बस इन्ही सब चीजो की वजह से जूनागढ़ के नवाब को भागकर के पाकिस्तान जाना पड़ा और जूनागढ़ गुजरात का हिस्सा रहते हुए भारत में मिला. धीरू भाई अम्बानी के देश भक्त होने की ये बात आपको शायद पहले मालूम न रही होगी.

Facebook Comments