कभी पुलिस अफसरों ने किया था अपमान, तो अब खुद भी बन गयी बड़ी आईपीएस ऑफिसर

जब इंसान के अन्दर कुछ करने का जज्बा जगता है तो फिर वो इंसान कुछ भी कर ही जाता है चाहे मुसीबते कितनी ही बड़ी क्यों न हो? ये बात वाकई में हर जगह पर लागू होती है और शायद आज हम आपको एक ऐसी ही आईपीएस ऑफिसर की कहानी बताने जा रहे है जिनका नाम है शिमाला प्रसाद. शिमाला भोपाल से आती है और उन्होंने पढ़ाई में बीकॉम करके पीजी भी किया है.

वो सोचती थी कि वो सिविल सर्विसेज में जायेगी मगर फिर उन्होंने एक्टिंग की तरफ भी रूझान रखा और फिल्म में काम भी किया लेकिन कहा जाता है कि शिमाला का पुलिस ऑफिसरो ने अपमान किया था जिससे उन्होने सोच लिया कि वो और भी बड़ी अफसर बनेगी फिर वो तो लगी ही रही और मेहनत से एग्जाम क्लियर करके वो डीएसपी बन गयी और आज की डेट में बात करे तो वो बेतूल जिले की एसपी है

और बड़े बड़े लोग उनसे खौफ खाते है क्योंकि वो एकदम इमानदार और निर्भीक पुलिस ऑफिसर के तौर पर अपनी छवि बना चुकी है और मध्य प्रदेश पुलिस प्रशासन में आज उनके नाम की चर्चा होती है और बड़े ही गर्व के साथ में उनका नाम लिया जाता है. शिमाला प्रसाद कहती है कि एक आईपीएस ऑफिसर बनने के लिए मुझे प्रेरणा सिर्फ अपने परिवार वालो से ही मिली थी क्योंकि वाहन पर माहौल मिलता था और फिर ऐसा लगा कि देश की सेना करने के लिए इससे बढ़िया और कोई जगह हो ही नही सकती है.

कुछ इस तरह से शिमला ने अपने आपको ऊपर से ऊपर तक पहुंचाया और अगर वो इसी तरह से पुलिस डिपार्टमेंट में काम करती रही तो आगे चलकर के उन्हें और ज्यादा उंचाई छूने से भला कौन ही रोक सकता है? आज शिमाला प्रसाद देश की बच्चियों के लिए एक नारी सशक्तिकरण का उदाहरण है.

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