80 साल पुराने आम के पेड़ पर ही बना दिया अपना 4 मंजिला खूबसूरत घर, अंदर से काफी आलीशान

आमतौर पर हम देखते हैं कि घर बनाने के लिए लोग बड़े-बड़े पेड़ को काट देते हैं। लोगों के मन में पर्यावरण के संरक्षण के प्रति जागरूकता का अभाव दिखाई देता है। परंतु ऐसे भी कुछ लोग हैं जो पर्यावरण को बचाने के लिए कोई ना कोई जुगाड़ करते रहते हैं। अपनी आवश्यकताओं में कटौती करते हुए भी पर्यावरण का रक्षण करने वाले लोग इस दुनिया में है। ऐसे ही एक व्यक्ति है कुल प्रदीप सिंह।

राजस्थान के उदयपुर में रहने वाले के पी सिंह पेशे से इंजीनियर है। केपी सिंह ने साल 2000 में एक खूबसूरत मकान बनाया था जिसे लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी शामिल किया गया है और उनके इस आशियाने को देखने के लिए काफी दूर दूर से लोग आते रहते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि प्रदीप सिंह ने अपना मकान एक आम के पेड़ पर बनाया है।

जी हां दोस्तों आपको जानकर हैरानी होगी कि यह आम का पेड़ 80 साल पुराना है। साल 1999 में प्रदीप सिंह उदयपुर में एक प्लॉट खरीदने के लिए गए थे। ब्रोकर ने उन्हें वह जमीन दिखाई और कहा था कि इस प्लाट पर के पेड़ काटने होंगे उसके बाद ही आप घर बना पाएंगे। परंतु प्रदीप सिंह ने कहा था कि मैं पेड़ों को काटकर घर नहीं बनाऊंगा बल्कि इनमें से किसी एक पेड़ पर ही अपना आशियाना बसा लूंगा।

प्रदीप सिंह ने आम के इस पेड़ पर सीमेंट और ईटों से नहीं बल्कि स्टील, फाइबर और सेल्युलर की मदद से 4 मंजिला मकान बना दिया। इस मकान में सारी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध है। मकान के हर कमरे में पेड़ की टहनियां निकली हुई है। प्रदीप सिंह बताते हैं कि जब कभी जोर से हवा चलती है तो ऐसा लगता है जैसे घर झूल रहा है। पेड़ पर घर होने के कारण कई पक्षी भी घर में आते जाते रहते हैं।

घर के अंदर से निकली हुई टहनियों का भी काफी खूबसूरती से घर का सामान सजाने के लिए उपयोग किया गया है। किसी टहनी को सोफा की तरह इस्तेमाल किया जाता है और किसी टहनी को टीवी स्टैंड की तरह उपयोग किया गया है। यह घर जमीन से 9 फुट ऊपर बनाया गया है। इस घर की ऊंचाई करीब 40 फीट है। वाकई में प्रदीप सिंह जैसे पर्यावरण प्रेमी बहुत कम दिखाई देते हैं। बता दें कि प्रदीप सिंह ने आईआईटी कानपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।

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