कभी चलाते थे ऑटो रिक्शा, आज हजारो करोडो की सम्पति और 50 हजार से ज्यादा कर्मचारी

इंसान अगर अपने जीवन में कुछ करना चाहे और खुदको बड़े स्तर पर पहुँचना चाहे तो कुछ भी हासिल कर सकता है. ऐसा ही कुछ मुकेश मिकी जगतियानी के साथ में भी है. मुकेश को अगर उनके जवानी के दिनों में कोई देखता तो कोई ये नही कह सकता था कि वो इतनी उंचाई पर जाने वाले है लेकिन उन्होंने कर दिखाया. मुकेश मिकी जगतियानी एक भारतीय मूल के व्यापारी है जिनका बिजनेस दुनिया के कई सारे देशो में फैला हुआ है और वो काफी बड़े और अमीर व्यक्ति माने जाते है.

बचपन में थोड़ी बहुत पढ़ाई करके वो लन्दन में एकाउंट्स की पढ़ाई करने के लिए चले गये थे. वहाँ पर अपना खर्च चलाने के लिए वो टैक्सी चलाने का काम करते थे. फिर उन्होंने कोई परीक्षा ही नही दी, तो उनको कॉलेज से ही निकाल दिया गया. इसी बीच वो बहरीन चले गये जहाँ पर काम करने लगे लेकिन फिर उनके बड़े भाई का और फिर पिता का भी निधन हो गया.

अब वो अकेले हो गये थे लेकिन उन्होंने अपना सपना नही छोड़ा. मुकेश मिकी ने 4 लाख रूपये जो घर वालो के बचे थे उससे बहरीन में एक बेबी प्रोडक्ट की दूकान खोल ली. दूकान अच्छी चली तो उन्होंने एक नौकर भी रख लिया और कुछ सालो तक वही चलाते रहे. धीरे धीरे उन्होंने अपने काम का विस्तार किया और लगभग 6 दुकाने उन्होंने और खोल ली. फिर उस इलाको में देशो में अस्थिरता होने लगी और लड़ाई होने लगी तो उन्होंने अपना व्यापार दुबई में शिफ्ट कर लिया.

वहाँ भी उनका व्यापार अच्छे से चलने लगा और उन्होंने वही पर लैंडमार्क ग्रुप की स्थापना की. यहाँ से वो खिलौने समेत कई चीजो का निर्यात करते है और उनके कई देशो में व्यापार भी चलता है. आज उनके स्टोर एक दर्जन देशो में चल रहे है 50 हजार से ज्यादा लोग उनके अंडर काम करते है और उनकी सम्पति 280 करोड़ अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 20 हजार करोड़ रूपये के आस पास है.

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