अपना घर चलने के लिए घर-घर जाकर पूजा करवाते हैं पिता, बेटे ने बिना कोचिंग किए निकला JEE मेंस

जिन बच्चों में पढ़ने लिखने का जुनून होता है उन बच्चों के परिवार की आर्थिक स्थिति चाहे जैसी भी हो वह उन सारी समस्याओं में से रास्ता निकाल कर आगे बढ़ते चले जाते हैं। ऐसे ही एक विद्यार्थी के बारे में इस लेख में हम आपको बताने जा रहे है। बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले अशोक तिवारी के बेटे दूधनाथ तिवारी ने जेईई मेंस परीक्षा पास कर ली है।

आज तक के अनुसार अशोक तिवारी एक पुजारी है और वे घर-घर जाकर लोगों के यहां पूजा करवाने का काम करते हैं। उसी में से उनका घर चलता है। आर्थिक परिस्थिति इतनी अच्छी नहीं है बावजूद इसके अशोक तिवारी के बेटे दूधनाथ तिवारी ने अपनी मेहनत और लगन से पढ़ लिख कर आईआईटी में प्रवेश लेने की पहली सीढ़ी जेईई मेंस पार कर ली है। अपने बेटे की सफलता पर पंडित अशोक तिवारी को काफी गर्व महसूस हो रहा है।

पंडित अशोक तिवारी ने बताया कि उन्होंने कभी भी उनके बेटे को पढ़ाई के लिए डाटा नहीं और ना ही उसे पढ़ाई करने के लिए दबाव बनाया। बल्कि अशोक तिवारी ने बताया कि उन्हें खुद होकर ही बेटे को कहना पड़ता था कि अब बस करो बाकी पढ़ाई कल कर लेना। जेईई की परीक्षा देश की काफी कठिन परीक्षा में से एक है जिसमें दूधनाथ तिवारी ने 548 रैंक हासिल करके सचमुच में बहुत बड़ा काम किया है।

दूधनाथ तिवारी अपने परिवार के साथ मुजफ्फरपुर के जेपी कॉलोनी चंदवारा में किराए का मकान लेकर रह रहे हैं। उन्हें कोरोना लॉकडाउन के समय और भी अधिक आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ी थी। दूधनाथ ने बताया कि बीच में उन्होंने सोचा था कि पढ़ाई छोड़ कर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने का काम शुरू कर दें जिससे उनकी आर्थिक परिस्थिति ठीक हो जाएं। परंतु दूधनाथ के पिता अशोक तिवारी ने उन्हें पढ़ते रहने की प्रेरणा दी।

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