दो हफ्तों में ही आ गयी स्टेचू ऑफ यूनिटी में दरार? जानिये इस वायरल हो रहे मेसेज का सच

स्टेचू ऑफ यूनिटी काफी ज्यादा लोकप्रिय स्थल बन चुका है और दूर दूर से लोग इसे देखने के लिए आ भी रहे है लेकिन कही ना कही इस स्टेचू न कुछ ज्यादा ही सुर्खियाँ भी बटोरी है इस बात में कोई भी शक नही है आपको मालूम हो तो बता दे पिछले 5 साल के लगातार हुए निर्माण कार्य की बदौलत विश्व की सबसे ऊँची और शानदार प्रतिमा बन गयी और कही ना कही ये अपने आप में बेहद ही ख़ास भी रही है पर अगर अभी के दिनों में देखे तो सोशल मीडिया पर एक मेसेज है जिसे बड़ी ही तेजी के साथ में वायरल किया जा रहा है और उसमे इस मूर्ती की मजबूती पर साफ़ साफ़ सवाल खड़े किये जा रहे है तेजी से सोशल मीडिया पर फ़ैल रहे इस मेसेज में दिखाया गया कि सरदार पटेल के स्टेचू के निचले हिस्से में जो सफ़ेद क्रेक से दिख रहे है।

वो दिखाता है मूर्ती बहुत ही ज्यादा कमजोर है और मोदी सरकार ने काफी ज्यादा फायदा उठा लिया बस दिखाकर के जबकि असल में मूर्ति अब से ही टूटने लग गयी है पर क्या ये बात सच है? जब हमने इस बात की पूरी पड़ताल की तो ये बात पूरी तरह से खोखली और विरोधियो द्वारा फैलाई जा रही अफवाह ही निकली दरअसल ये जो सफ़ेद लाइन्स को क्रेक बताया जा रहा है वो आज की नही बल्कि जबसे ये मूर्ति बनी है तब से ही इसके अन्दर मौजूद है।
जबसे ये मूर्ति बनी थी ये मूर्ति इतनी बड़ी है कि इस पर जो ताम्बे की प्लेटे चढी हुई है वो एक बार में फुल नही चढ़ाई जा सकती है जिसके चलते इन्हें एक एक कर टुकडो में चढ़ाया गया है और जहां जहाँ पर इन्हें एक दूसरे से चिपकाया गया है वहाँ आपको हल्का सा कुछ अलग होने का आभास होता है और इसे लोगो ने क्रेक का नाम देकर के प्रसारित कर दिया जबकि ये मूर्ति असल में बहुत मजबूत है और इतनी मजबूत है कि ये पानी के थपेड़ो से लेकर 5 रिक्टर स्केल का भूकंप भी बड़ी आसानी से सह सकती है।

कई बाते सच होती है और उनकी आड़ में ही कई दफा झूठ भी फैला दिए जाते है और ये जनता की जिम्मेदारी है कि वो झूठ और सच को परखना सीख ले ताकि सही लोगो को बदनाम होने से बचाया जा सके।

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