इन बीमारी वाले मरीजो को मिलती है रेल किराए में 50 से 100 प्रतिशत की छूट

भारतीय रेलवे भारत की जान कही जाती है और ये बात हम सभी लोग जानते है लेकिन ये ट्रेन में हम लोग सफर करने के बाद भी ये नही जानते है कि आखिर उन्हें फायदा किस तरह का मिल रहा है? जबकि रेलवे सरकारी है और ऐसे में ये आपको कई सारी सुविधाए देता है. ऐसे लोग जिन्हें कुछ न कुछ बीमारी हो रखी होती है और इलाज के लिए इधर से उधर जाना होता है तो उन्हें रेलवे कुछ एक मामलो में अच्छी खासी छूट देता है तो चलिए फिर आज उसके बारे में जानते है.

ऐसे लोग जिन्हें कैंसर हो रखा है उन्हें फर्स्ट एसी और सेकेण्ड एसी में सफ़र करने पर 50 प्रतिशत किराया देना पड़ता है जबकि अगर इन लोगो को थर्ड एसी या फिर सेकेण्ड क्लास या एसी चेयर कार से सफ़र करना हो तो ऐसे लोगो को पूरी की पूरी सौ प्रतिशत तक की छूट दे दी जाती है.

वो लोग जिन्हें दिल की बीमारी हो रखी हो यानी दिल के मरीजो को भी सेकेण्ड क्लास या फिर थर्ड एसी में सफ़र करने पर किराए में 75 प्रतिशत तक की छूट मिलती है जबकि अगर वो फर्स्ट या फिर सेकेण्ड एसी में सफ़र करना चाहे तो उन्हें पचास प्रतिशत तक की छूट मिल जाती है.

ऐसे लोग जिन्हें टीबी की समस्या हो रखी हो उन्हें भी स्पेशल छूट का प्रावधान रखा गया है. जिन्हें ये बीमारी है उन्हें सेकंड क्लास, फर्स्ट क्लास या फिर एसी में सफ़र करने पर सिर्फ 25 प्रतिशत किराया ही देना पड़ता है. ये काफी कम है और सही भी है.

ऐसे लोग जिन्हें किडनी के सम्बन्ध में बीमारी हो रखी होती है उन्हें भी यहाँ पर अच्छी खासी छूट का प्रावधान है. जब इस रोग के मरीज सफ़र करते है तो इन्हें फर्स्ट क्लास या सेकेण्ड क्लास या फिर थर्ड क्लास में सफ़र करते समय सिर्फ 25 प्रतिशत किराया ही देना पड़ता है.

वो लोग जो थैलेसीमिया नाम की बीमारी से ग्रसित होते है उन्हें भी ऐसी ही छूट रेलवे की तरफ से दिए जाने का प्रावधान रखा गया है. ऐसे लोगो को स्लीपर कोच में, सेकेण्ड क्लास में या फिर थर्ड एसी में 75 प्रतिशत तक की छूट मिल जाती है और फर्स्ट या फिर सेकेण्ड एसी में इन्हें 50 प्रतिशत की छूट मिलती है.

इसके अलावा एड्स, एनीमिया और हीमोफीलिया जैसी बीमारियों में भी आपको ऐसी ही छूट मिलती है जो कि 50 प्रतिशत से 75 प्रतिशत तक होती है. इसके लिए आपको हॉस्पिटल से मेडिकल का सर्टिफिकेट बनवाना होता है और कुछ कागजी कार्यवाही भी करनी पडती है.

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